ठाकरे के बाद रामविलास पासवान की पार्टी के बगावती तेवर, गठबंधन तोड़ने का ऐलान

लोजपा ने बीजेपी से गठबंधन के लिये संपर्क किया, लेकिन बीजेपी की ओर से खास रिस्पॉन्स नहीं दिया गया।

झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे -वैसे सियासी पारा चढता जा रहा है, एनडीए में सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी ने झारखंड में विधानसभा चुनाव में बीजेपी से अलग होकर लड़ने का ऐलान किया है, आपको बता दें कि 2014 में बीजेपी ने लोजपा को झारखंड में 1 सीट दिया था, लेकिन इस बार सीट नहीं मिलने से नाराज चिराग पासवान ने 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला लिया है।

गठबंधन की कोशिश
बताया जा रहा है कि इससे पहले लोजपा ने बीजेपी से गठबंधन के लिये संपर्क किया, लेकिन बीजेपी की ओर से खास रिस्पॉन्स नहीं दिया गया,
लोजपा झारखंड में संथाल परगना के जरमुंडी विधानसभा समेत 6 सीटों की मांग कर रही थी, लेकिन बीजेपी उन्हें एक भी सीट देने को तैयार नहीं थी, जिसके बाद लोजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।

आजसू ने भी उतारे उम्मीदवार
झारखंड में बीजेपी सरकार का हिस्सा सुदेश महतो की पार्टी आजसू ने भी कुछ सीटों पर बीजेपी के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिये हैं, आजसू ने पहली सूची में 12 उम्मीदवारों के नाम घोषित किये हैं,
जिसमें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा की सीट  चक्रधरपुर पर भी उम्मीदवार उतारा गया है। इसके साथ ही कुछ सीटों पर बीजेपी और आजसू दोनों ने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है।

2014 में साथ मिलकर लड़े थे चुनाव
आपको बता दें कि 2014 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने आजसू और लोजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, तब प्रदेश की 81 सीटों में से 72 बीजेपी, 8 आजसू और 1 पर लोजपा लड़ी थी,
लेकिन इस बार तीनों अलग-अलग उम्मीदवार उतार रहे हैं, आपको बता दें कि लोजपा का जनाधार बिहार में है, और वहां रामविलास पासवान की पार्टी एनडीए का हिस्सा है, वहां गठबंधन जारी रहेगा।