शरद पवार के बयान से बढा सस्पेंस, पीएम मोदी ने राज्यसभा में तारीफ के बांधे पुल

शरद पवार ने इस बात की पुष्टि की है, कि आज वो कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने जा रहे हैं, हालांकि उन्होने मुलाकात का समय नहीं बताया।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सबकी नजरें एनसीपी प्रमुख शरद पवार और सोनिया गांधी की आज होने वाली मुलाकात पर है, शरद पवार दिल्ली पहुंच चुके हैं, दिल्ली आने पर पवार ने पत्रकारों से सरकार गठन को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होने अपने पत्ते नहीं खोले, इतना ही नहीं एनसीपी चीफ ने ये कहकर सस्पेंस और बढा दिया, कि सरकार गठन के बारे में उनसे नहीं बल्कि शिवसेना तथा बीजेपी से पूछा जाना चाहिये।

सोनिया गांधी से मुलाकात
शरद पवार ने इस बात की पुष्टि की है, कि आज वो कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने जा रहे हैं, हालांकि उन्होने मुलाकात का समय नहीं बताया,
पवार महाराष्ट्र में सरकार गठन से जुड़े सवालों को ना सिर्फ टालते रहे, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ होने वाली मुलाकात को शिष्टाचार बस बताया, दरअसल पवार अभी अपने पत्ते नहीं खोलना चाहते।

बीजेपी-शिवसेना से पूछो
एनसीपी चीफ से जब पूछा गया कि शिवसेना के साथ सरकार बनने के क्या चांस हैं, तो उन्होने कहा कि ये बीजेपी और शिवसेना से पूछो, दोनों साथ थे,
पवार ने कहा कि शिवसेना और बीजेपी साथ चुनाव लड़ी थी, हम उनसे अलग लड़े थे, एनसीपी और कांग्रेस साथ मिलकर लड़ी थी, जब उनसे ये पूछा गया कि चर्चा तो ये है कि एनसीपी शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बना रही है, तो उन्होने जवाब में सिर्फ अच्छा कहकर टाल दिया।

सीएम की कुर्सी की वजह से जुदा राहें
मालूम हो कि 288 विधानसभा सीटों वाली महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था, लेकिन सीएम पद को लेकर शिवसेना-बीजेपी की राहें जुदा हो गई,
अब शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की जुगत में है, कांग्रेस का स्थानीय नेतृत्व तो शिवसेना के साथ जाने के पक्ष में नहीं है, लेकिन शरद पवार सोनिया गांधी से मुलाकात कर उन्हें शिवसेना को समर्थन देने के लिये राजी करेंगे।

मोदी ने की तारीफ
पीएम मोदी ने आज राज्यसभा में शरद पवार की एनसीपी और बीजू जनता दल की तारीफ की, उन्होने कहा कि एनसीपी और बीजेडी के सांसद कभी वेल में नहीं जाते हैं,
ऐसा नियम उन्होने खुद के लिये बनाया है, दोनों पार्टियों ने तय किया है, कि वो वेल में नहीं जाएंगे, सभी पार्टियों को उनसे सीखना चाहिये।