आखिर क्यों नहीं मिली शिवसेना को समर्थन की चिट्ठी, एक फोन कॉल और बिगड़ गया खेल, इनसाइड स्टोरी

सोनिया गांधी को ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं थी, क्योंकि बैठक में महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने पार्टी हाईकमान को शिवसेना-एनसीपी नेतृत्व में सरकार बनाने से बचने की सलाह दी है।

कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार शाम को दिल्ली स्थित अपने निवास पर पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग की, करीब 4 घंटे चली इस बैठक में महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर बातचीत हुई, सोनिया गांधी ने इसके बाद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से बात की, कहा जा रहा है कि शरद पवार ने फोन पर सोनिया गांधी को जो बात बताई, उसे सुनकर कांग्रेस हाईकमान चौंक गई, उन्होने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है, उद्धव ठाकरे की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया है।

शाम 6 बजे बात
सूत्रों का दावा है कि सोनिया गांधी ने शाम करीब 6 बजे शरद पवार को फोन किया था, दोनों के बीच 15 मिनट तक बातचीत हुई, शरद पवार ने कहा कि वो शिवसेना से फिर से बात करेंगे,
इसके साथ ही उन्होने आगे की रणनीति के लिये कांग्रेस के नेताओं को आज मुंबई भेजने को कहा।

ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं थी
बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी को ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं थी, क्योंकि बैठक में महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने पार्टी हाईकमान को शिवसेना-एनसीपी नेतृत्व में सरकार बनाने से बचने की सलाह दी है,
महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि अगर दोनों क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई, तो महाराष्ट्र में भी कांग्रेस की हालत यूपी जैसी हो जाएगी, इसलिये सोच-समझ कर फैसला लें।

शिवसेना के साथ सरकार
शिवसेना की अगुवाई में सरकार बनाने के पक्ष में महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नहीं हैं, इसके अलावा एके एंटनी और मल्लिकार्जुन खडगे भी शिवसेना के साथ सरकार बनाने के पक्ष में हैं,
हालांकि कांग्रेस का एक खेमा किसी तरह भी बीजेपी को रोकने के लिये सरकार बनाने के पक्ष में हैं।